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LASIK Surgery में दर्द होता है क्या? जो महसूस होता है, वह सच में कैसा होता है
क्या लेसिक में दर्द होता है? यह सवाल बहुत लोगों के मन में होता है। जानें सर्जरी के दौरान और बाद में क्या महसूस होता है और क्या सामान्य है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है। LASIK या किसी भी सर्जिकल प्रक्रिया से पहले योग्य नेत्र विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श ज़रूरी है।
परिचय
सब कुछ तय हो गया था। जांच भी हो गई, डॉक्टर ने हां भी कह दी।
लेकिन तारीख नज़दीक आते ही एक सवाल बार-बार मन में आने लगा "दर्द तो नहीं होगा ना?"
यह सवाल लगभग हर उस व्यक्ति के मन में आता है जो पहली बार LASIK के बारे में सोच रहा है। आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं। और उनमें कुछ भी होने की कल्पना मात्र से घबराहट होना बिल्कुल स्वाभाविक है।
पहले यह समझना ज़रूरी है - आंख को सुन्न किया जाता है
LASIK से पहले आंखों में anesthetic यानी सुन्न करने वाली आई ड्रॉप्स डाली जाती हैं।यह drops कुछ ही मिनटों में असर करती हैं। इसके बाद आंख की सतह को कुछ महसूस नहीं होता।यही सबसे पहली बात है जो ज़्यादातर लोग नहीं जानते और यह जानकर काफी राहत मिलती है।
सर्जरी के दौरान क्या महसूस होता है?
दबाव का एहसास
जब आंख पर एक छोटा सा उपकरण रखा जाता है जो flap बनाने के लिए ज़रूरी होता है उस समय हल्का दबाव महसूस होता है। कुछ लोग कहते हैं जैसे कोई उंगली हल्के से दबा रहा हो। यह कुछ सेकंड का होता है।
कुछ सेकंड के लिए धुंधलापन
इस दबाव के दौरान नज़र थोड़ी धुंधली हो सकती है। यह घबराने वाली बात नहीं यह प्रक्रिया का हिस्सा है और बहुत जल्दी ठीक होती है।
एक अलग गंध
Laser चलने के दौरान कुछ लोगों को एक हल्की जलन जैसी गंध आती है। यह कॉर्निया के tissue के reshape होने की प्रक्रिया है। यह असामान्य नहीं है।
पूरा समय कितना?
दोनों आंखों की सर्जरी मिलाकर आमतौर पर बहुत कम समय लगता है। हर आंख पर laser कुछ सेकंड से लेकर एक मिनट तक चलती है नंबर के हिसाब से।
सर्जरी के तुरंत बाद क्या होता है?
जैसे ही सर्जरी खत्म होती है drops का असर अभी भी होता है।
लेकिन धीरे-धीरे जैसे drops का असर कम होता है, कुछ चीज़ें महसूस होने लगती हैं।
हल्की जलन या खुजली
यह सबसे आम अनुभव है। आंख में लगता है जैसे कुछ पड़ा हो। या हल्की सी रेत जैसी अनुभूति।
यह पहले कुछ घंटों में होती है। इसीलिए डॉक्टर बार-बार कहते हैं आंख मत रगड़िए। रगड़ने से flap हिल सकती है।
पानी आना
आंखों से पानी आना इस समय बिल्कुल सामान्य है। यह शरीर की प्रतिक्रिया है।
रोशनी से असहजता
कुछ घंटों के लिए तेज़ रोशनी में असहजता हो सकती है। इसीलिए सर्जरी के बाद घर जाकर आंखें बंद करके आराम करने की सलाह दी जाती है।
क्या यह असहनीय होता है?
अधिकतर लोगों का अनुभव यह होता है कि यह असहज तो है, लेकिन असहनीय नहीं। और यह कुछ घंटों में काफी हद तक ठीक हो जाता है।
पहले कुछ दिन क्या उम्मीद रखें?
पहला दिन सबसे ज़्यादा असहजता का दिन होता है।
अगले दिन अधिकतर लोगों को काफी बेहतर लगता है। कुछ लोग दूसरे दिन से काम पर भी वापस जा सकते हैं हालांकि डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।
पहले हफ्ते में:
आंखें थोड़ी संवेदनशील रह सकती हैं। स्क्रीन ज़्यादा देर तक देखने से आंखें जल्दी थक सकती हैं। Lubricating eye drops नियमित लेनी होती हैं। और नींद में आंख रगड़ने से बचने के लिए रात को eye shield पहनने की सलाह दी जाती है।
किन लोगों को ज़्यादा सावधान रहना चाहिए?
कुछ लोगों में सर्जरी के बाद असहजता थोड़ी ज़्यादा हो सकती है।
जिनकी आंखें पहले से सूखी हों उनमें post-surgery सूखापन ज़्यादा हो सकता है, जो असहजता बढ़ा सकता है। जिनका नंबर बहुत अधिक हो उनमें healing थोड़ा ज़्यादा समय ले सकती है। और जो लोग स्वभाव से anxiety महसूस करते हों उनके लिए पूरी प्रक्रिया मानसिक रूप से थोड़ी मुश्किल हो सकती है।
इन बातों के बारे में डॉक्टर को पहले से बताना ज़रूरी है।
"डर तो लग रहा है" यह भी सामान्य है
कुछ लोग सर्जरी से पहले बहुत घबरा जाते हैं।और यह बिल्कुल ठीक है।डॉक्टर और टीम इसे समझते हैं। LASIK एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप पूरी तरह होश में होते हैं इसलिए यह स्वाभाविक है कि मन में कुछ न कुछ चलता रहे।अगर घबराहट बहुत ज़्यादा हो तो डॉक्टर को बताएं। कभी-कभी सर्जरी से पहले कुछ हल्की दवा दी जाती है जो anxiety कम करती है।
जो अफ़वाहें सुनी होंगी
"LASIK में आंखें खुली रखनी होती हैं यह बहुत डरावना होता है"
हां, आंखें खुली रखनी होती हैं। लेकिन इसके लिए एक speculum लगाया जाता है ताकि आंख अपने आप बंद न हो सके। यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन दर्दनाक नहीं होता।
"Laser चलते समय दर्द होता है"
नहीं। आंख सुन्न होती है उस समय। Laser चलने का एहसास नहीं होता। जो महसूस होता है वह दबाव होता है दर्द नहीं।
"सर्जरी के बाद कई दिन बहुत तकलीफ होती है"
अधिकतर लोगों में पहले कुछ घंटे सबसे ज़्यादा असहजता के होते हैं। दूसरे दिन से काफी बेहतर होता है।
"जितना डर लगता है, उतना ही बुरा होता है"
नहीं। बहुत से लोग LASIK के बाद यही कहते हैं "लगा था बहुत मुश्किल होगा, लेकिन उतना नहीं था।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या LASIK के दौरान आंख हिल जाए तो क्या होगा?
यह एक बहुत आम डर है। LASIK machines में eye-tracking system होता है जो आंख की हर हरकत को track करता है। अगर आंख बहुत ज़्यादा हिले तो laser अपने आप रुक जाती है। इसलिए यह डर निराधार है। डॉक्टर पहले से बताते हैं कि किस तरफ देखना है और आमतौर पर यह बहुत आसान होता है।
क्या LASIK में बेहोशी दी जाती है?
नहीं। LASIK में general anesthesia यानी पूरी बेहोशी नहीं दी जाती। सिर्फ आंख को सुन्न करने वाली eye drops दी जाती हैं। आप पूरे होश में होते हैं। अगर बहुत घबराहट हो तो डॉक्टर कभी-कभी कोई हल्की दवा पहले दे सकते हैं, लेकिन यह हर जगह एक जैसा नहीं होता।
LASIK के बाद कितने दिन दर्द रहता है?
तेज़ दर्द आमतौर पर नहीं होता। पहले कुछ घंटे जलन और असहजता हो सकती है। पहले दो-तीन दिन आंखें थोड़ी संवेदनशील रह सकती हैं। उसके बाद अधिकतर लोगों को सामान्य महसूस होने लगता है। अगर दर्द तेज़ हो या लंबे समय तक रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
क्या सर्जरी के बाद गाड़ी चलाकर घर जा सकते हैं?
नहीं। सर्जरी के तुरंत बाद नज़र धुंधली होती है और आंखें sensitive होती हैं। कोई साथ में होना चाहिए जो घर ले जाए। डॉक्टर जब तक अनुमति न दें, गाड़ी नहीं चलानी चाहिए।
सर्जरी वाले दिन क्या-क्या तैयारी करनी होती है?
सर्जरी वाले दिन आंखों में कोई makeup नहीं लगाना चाहिए। Perfume या hair spray से भी बचें क्योंकि इनके रसायन आंखों को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ हल्का खाकर जाएं। और कोई भरोसेमंद व्यक्ति साथ हो जो घर ले जा सके। डॉक्टर पहले से पूरी तैयारी की जानकारी देते हैं।
क्या दोनों आंखें एक दिन में हो जाती हैं?
अधिकतर मामलों में हां। दोनों आंखें एक ही दिन की जाती हैं। इससे एक बार में ही recovery होती है। कुछ खास परिस्थितियों में डॉक्टर अलग-अलग दिन सुझा सकते हैं यह आपकी स्थिति पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष
क्या LASIK में दर्द होता है - सर्जरी के दौरान नहीं।
कुछ महसूस होता है - दबाव, हल्की असहजता, थोड़ी जलन बाद में। लेकिन वह दर्द नहीं होता जैसा मन में डर बनता है।
इसका मतलब यह नहीं कि डर गलत था। डर स्वाभाविक है। लेकिन सही जानकारी हो तो डर थोड़ा कम होता है।
अगर मन में कोई भी सवाल हो चाहे वह कितना भी छोटा लगे तो डॉक्टर से पहले ही पूछ लें। तैयार मन से सर्जरी का अनुभव बेहतर होता है।